राग-भैरवी ताल-कहरवा
मैं धरूं तिहारो ध्यान
ज्ञान मोहे दीजै हे काली, ज्ञान मोहे दीजै हे काली
मैं धरूं तिहारो ध्यान
ज्ञान मोहे दीजै हे काली...
मुख में बीड़ा पान बिराजे
मुंख सोहे लाली..
नाकन में नकवेसर सोहे
कर्ण फूल वाली...
मैं धरूं तिहारो ध्यान
ज्ञान मोहे दीजै हे काली.
ऊँचे परबत बास तिहारो धौलागढ़ वाली
नीचे नगर बसाया जामे ,बिजली की उजियारी
मैं धरूं तिहारो ध्यान
ज्ञान मोहे दीजै हे काली.
ऐसा तुम्हरा रूप भयंकर श्याम वरण वाली
कालीराम कहे सुन धन्ना कलकत्ते वाली
मैं धरूं तिहारो ध्यान
ज्ञान मोहे दीजै हे काली.
Lyrics Submitted by ANIL KUMAR PUROHIT
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